fear
Life

ङर

 ङर-रातें तो काट ली

पर उसके बाद वाली सुबह से डरती हूँ

खुशियाँ तो बाट ली

पर उसके बाद वाली उदासी से डरती हूँ

जीना तो सीख लिया

पर उस ना जीने देने की बात से डरती हूँ

ख्वाब तो देख लिये

पर उनको उन्हें बताने से डरती हूँ

और अब इतना कुछ लिख तो लिया है

पर उन्हें जताने से डरती हूँ।

ङर
ङर

SUMMARY

ङर  वो एक ख्याल है जिसके डर से हम ड़रते है

इसकी मौजूदगी से हम ना आज को जी पाते है और ना ही कल को पर कही ना कही इसका होना जरुरी है

कयूंकि क्या पता ये ना हो तो चीजें क्या हो

कया पता चीजें ना हो

ये तो कभी भी आ जता है

चाहे वो ख़ुशी क बाद वाला हो या फिर

किसी को अपना बनाने के बाद वाला

चाहे किसी को गले लगाने के बाद वाला हो

या फिर किसी का हाथ छुड़ा के भाग जाने वाला

चाहे किसी से मिलने के पहले का हो

या किसी को भूल ना पाने वाला।

खैर जब ये बिना बताऐ आ ही जाता है तो क्यों ना इसको भी अपनाया जाए और इसे समझा जाए

माना इतना आसान नही इसे समझना पर क्या पता इस समझने की एक छोटी सी कोशिश में इसके सही माईने समझ आ जा

हमे डर के मुताबिक नही चलना है उसे हमारे मुताबिक चलाना है

चाहे फिर रास्ते में कितनी ही रुकावट आए

 उस रुकावट को डर से डराना है

कयूंकि रास्ते चाहे कैसे भी हो

साथ चाहे कैसा भी हो

मंजि़ल चाहे दूर हो या पास

पर डर तो लगेगा।

ङर सबको लगता है बस फर्क इतना है की किसको कितना मिला और किसने कितना समझा

और जिसने समझा वो बस उसे ले आगे चल पङे

इतना आसान नही होता इसे साथ ले चलना

कई बार गिरते भी है पर फिर खुदसे सँभलते भी है

इसका होना ना होना भी बहुत माईने रखता है क्योंकि अगर ये है तो क्यों है और अगर नही तो क्यों नही।

हर एक ख़ुशी में इस बात का डर है की कही ये खुशी छिन ना जाए और गम में डर इस बात का है की अब और ये गम कितना

पर कोई तो समझो इस कहानी को जिसमे ख़ुशी के साथ थोड़ा सा डर है और गम के साथ थोड़ी सी खुशी।

इन रातो का डर भी उसी दिन ख़त्म हो जाएगा जब से रातो को काटना नही जीना सीख जाओगे

ओर उजाला खुद तुम्हे जगाएगा।

ये उस ओस की तरह है जो ठंड में हर सुबह आती तो है पर उस सूरज की पहली किरण से वो कही उड सी जाती है।

पर फिर भी कही ना कही वो अपनी मौज़ूदगी छोड ही जाती है। ~ CHAHHAK GUPTA

One Comment

  • sirglio frei

    I have been exploring for a little bit for any high quality articles or weblog posts on this kind of area . Exploring in Yahoo I ultimately stumbled upon this site. Studying this info So i¦m happy to show that I’ve a very just right uncanny feeling I found out exactly what I needed. I most certainly will make certain to do not put out of your mind this website and provides it a glance regularly.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Subscribe to our newsletter and stay up-to-date with all new updates

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

STAY ALIVE will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.